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उपचार
आमतौर पर यह इस पर निरà¥à¤à¤° करता है कि पीडि़त वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कितनी जलà¥à¤¦à¥€ उपचार मिला है। जैसे यदि यà¥à¤µà¤¾à¤“ं में समसà¥à¤¯à¤¾ हो, तो उसे पà¥à¤°à¤¥à¤® अवसà¥à¤¥à¤¾ (फसà¥à¤°à¥à¤Ÿ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ) की बीमारी मानकर सामानà¥à¤¯ उपचार से ठीक
किया जाता है, लेकिन यदि समसà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ है तो कई तरह से उपचार किया जा सकता है। साथ ही उपचार समसà¥à¤¯à¤¾ के पà¥à¤°à¤•ार पर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है। पà¥à¤°à¤¥à¤® अवसà¥à¤¥à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठसामानà¥à¤¯ रूप से ओजोन थेरेपी
को पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— में लाया जाता है।
पà¥à¤°à¤¥à¤® अवसà¥à¤¥à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾
अमूमन यà¥à¤µà¤¾à¤“ं को होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का लचीलापन कम हो जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हडà¥à¤¡à¥€
के अंदर का तरल पदारà¥à¤¥ सूखकर ठोस कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का रूप ले लेता है। इस कारण रीढ़ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ डिसà¥à¤• में खोखलापन आ जाता है।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ का शॉक
à¤à¤¬à¥à¤œà¥‰à¤°à¥à¤µà¤° सिसà¥à¤Ÿà¤® खराब हो जाता है। ओजोन थेरेपी से सूख गठतरल पदारà¥à¤¥ को फिर से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाया
जाता है, लेकिन यह पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ मरीजों पर कारगर नहीं होती है। ओजोन थेरेपी की सफलता 80 से 85 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक रहती है। दूसरी अवसà¥à¤¥à¤¾ में वे मरीज आते हैं, जो इस समसà¥à¤¯à¤¾ से काफी दिनों से जूठरहे होते हैं। इन मरीजों के हाथ, पैरों में à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ टूटने जैसी अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं।
इसे चिकितà¥à¤¸à¤•ीय à¤à¤¾à¤·à¤¾ में सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¥€à¤²à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸ कहा जाता है। इस रोग में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ नà¥à¤•ीली हो जाती है,
जिससे शरीर में असहनीय दरà¥à¤¦ होता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ के इलाज में रेडियो फà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤µà¥‡à¤‚सी à¤à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। तीसरी अवसà¥à¤¥à¤¾ के मरीज वे होते हंै, जिनमें हाथ-पैरों का सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो जाना, पैरों का पतला होते जाना, मल-मूतà¥à¤° में समसà¥à¤¯à¤¾, लकवा की समसà¥à¤¯à¤¾, सà¥à¤²à¤¿à¤ª डिसà¥à¤• और नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं। वहीं
कई बार डिसà¥à¤• के अंदर का तरल पदारà¥à¤¥ अपने निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ घेरे को तोड़कर सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कारà¥à¤¡ के नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® की नसों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने लगता है। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ के मरीजों के लिठनà¥à¤¯à¥‚कà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ और à¤à¤¨à¥à¤²à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ तकनीक अपनाई जाती है।
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